अनेक शब्दों के लिए एक शब्द-वाक्यांश के लिए एक शब्द

भाषा की सुदृढ़ता, भावों की गम्भीरता और चुस्त शैली के लिए यह आवश्यक है कि लेखक शब्दों (पदों) के प्रयोग में संयम से काम ले, ताकि वह विस्तृत विचारों या भावों को थोड़े-से-थोड़े शब्दों में व्यक्त कर सके। समास, तद्धित और कृदन्त वाक्यांश या वाक्य एक शब्द या पद के रूप में संक्षिप्त किये जा सकते है। ऐसी हालत में मूल वाक्यांश या वाक्य के शब्दों के अनुसार ही एक शब्द या पद का निर्माण होना चाहिए।
दूसरी बात यह कि वाक्यांश को संक्षेप में सामासिक पद का भी रूप दिया जाता है। कुछ ऐसे लाक्षणिक पद या शब्द भी है, जो अपने में पूरे एक वाक्य या वाक्यांश का अर्थ रखते है। भाषा में कई शब्दों के स्थान पर एक शब्द बोल कर हम भाषा को प्रभावशाली एवं आकर्षक बनाते है।
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द – विस्तृत विचारों या भावों को कम-से-कम शब्दों में व्यक्त करने के लिए हमें भाषा की शब्द-रचना का ज्ञान होना अति आवश्यक है। इसी क्रम में मूल वाक्यांश या वाक्य के शब्दों के अनुसार ही एक शब्द या पद का निर्माण किया जाता है। दूसरी बात यह कि वाक्यांश को संक्षेप में सामासिक पद का रूप दिया जाता है। कुछ ऐसे लाक्षणिक पद या शब्द भी हैं, जो अपने में पूरे एक वाक्य या वाक्यांश का अर्थ रखते हैं। नीचे दिए गए शब्द समूहों ( वाक्यखण्डों ) के संक्षिप्त शब्दरूपों को याद रखना चाहिए, तभी थोड़े में अधिक लिखने में समर्थ हो सकेंगे अर्थात ‘गागर में सागर भरना’ कहावत चरितार्थ होगी।
जैसे- राम कविता लिखता है, अनेक शब्दों के स्थान पर हम एक ही शब्द 'कवि' का प्रयोग कर सकते है।
दूसरा उदाहरण- 'जिस स्त्री का पति मर चुका हो' शब्द-समूह के स्थान पर 'विधवा' शब्द अच्छा लगेगा।
इसी प्रकार, अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग कर सकते है।

वाक्यांश के लिए एक शब्द

  • अनुचित बात के लिए आग्रह- (दुराग्रह)
  • आकाश को चूमने वाला- (गगनचुंबी)
  • आकाश में उड़ने वाला- (नभचर)
  • आज्ञा का पालन करने वाला- (आज्ञाकारी)
  • अपने देश से दुसरे देश में समान जाना- (निर्यात)
  • अपनी हत्या स्वयं करना- (आत्महत्या)
  • आँखों के सामने- (प्रत्यक्ष)
  • आँखों से परे- (परोक्ष)
  • अपने परिवार के साथ- (सपरिवार)
  • अण्डे से जन्म लेने वाला- (अण्डज)
  • आकाश को चूमनेवाला- (आकाशचुंबी)
  • आलोचना करने वाला- (आलोचक)
  • अवसर के अनुसार बदल जाने वाला- (अवसरवादी)
  • अच्छे चरित्र वाला- (सच्चरित्र)
  • आया हुआ- (आगत)
  • अवश्य होनेवाला- (अवश्यम्भावी)
  • आशा से अधिक- (आशातीत)
  • आगे होनेवाला- (भावी)
  • अचानक हो जाने वाला- (आकस्मिक)
  • आदि से अन्त तक- (आद्योपान्त)
  • आगे का विचार करने वाला- (अग्रसोची)
  • आशा से अतीत (अधिक)- (आशातीत)
  • आकाश या गगन चुमनेवाला- (आकाशचुम्बी, गगनचुम्बी)
  • अपने देश से दुसरे देश में समान जाना- (निर्यात)
  • अपनी हत्या स्वयं करना- (आत्महत्या)
  • अत्यंत सुन्दर स्त्री- (रूपसी)
  • आलोचना के योग्य- (आलोच्य)
  • अभिनय करने वाला पुरुष- (अभिनेता)
  • अभिनय करने वाली स्त्री- (अभिनेत्री)
  • अच्छा-बुरा समझने की शक्ति का अभाव- (अविवेक)
  • आढ़त का व्यापर करने वाला- (आढ़तिया)
  • आवश्यकता से अधिक वर्षा- (अतिवृष्टि)
  • अधिकार या कब्जे में आया हुआ- (अधिकृत)
  • अपनी विवाहित पत्नी से उत्पत्र (पुत्र)- (औरस (पुत्र)
  • अपने कर्तव्य का निर्णय न कर सकने वाला- (किंकर्तव्यविमूढ़)
  • अधिक दिनों तक जीने वाला- (चिरंजीवी)
  • आलोचना करनेवाला- (आलोचक)
  • अल्प (कम) वेतन भोगनेवाला (पानेवाला)- (अल्पवेतनभोगी)
  • अध्ययन (पढ़ना) का काम करनेवाला- (अध्येता)
  • अध्यापन (पढ़ाने) का काम करनेवाला- (अध्यापक)
  • अत्यधिक वृष्टि- (अतिवृष्टि)
  • अपने बल पर निर्भर रहने वाला- (स्वावलम्बी)
  • अन्य से सम्बन्ध न रखने वाला- (अनन्य)
  • अभिनय करने योग्य- (अभिनेय)
  • आशुलिपि (शार्ट हैण्ड) जाननेवाला लिपिक- (आशुलिपिक)
  • आग से झुलसा हुआ- (अनलदग्ध)
  • अपने प्राण आप लेने वाला- (आत्मघाती)
  • अर्थ या धन से सम्बन्ध रखने वाला- (आर्थिक)
  • अनुचित या बुरा आचरण करने वाला- (दुराचारी)
  • अपराध और उन पर दण्ड देने के नियम निर्धारित करने वाला प्रश्न – (दण्डसंहिता)
  • अभी-अभी जन्म लेने वाला- (नवजात)
  • अपनी इच्छा के अनुसार काम करनेवाला- (इच्छाचारी)
  • अपने हिस्से या अंश के रूप में कुछ देना- (अंशदान)
  • अनुकरण करने योग्य- (अनुकरणीय)
  • आत्मा व परमात्मा का द्वैत (अलग-अलग होना) न माननेवाला- (अद्वैतवादी)
  • आदि से अन्त तक- (आद्योपान्त)
  • आशा से अतीत (परे)- (आशातीत)
  • आयोजन करने वाला व्यक्ति- (आयोजक)
  • आँवला, हर्र व बहेड़ा- (त्रिफला)
  • अपने पति के प्रति अनन्य अनुराग रखने वाली- (पतिव्रता)
  • अपने पद से हटाया हुआ- (पदच्युत)
  • अपने को पंडित माननेवाला- (पंडितम्मन्य)
  • आधे से अधिक लोगों की सम्मिलित एक राय- (बहुमत)
  • आय से अधिक व्यर्थ खर्च करने वाला- (फिजूलखर्ची)
  • आय-व्यय, लेन-देन का लेखा करने वाला- (लेखाकार)
  • अपने परिवार के साथ है जो- (सपरिवार)
  • अपने देश के साथ विश्वासघात करने वाला- (देशद्रोही)
  • अनुचित बात के लिये आग्रह- (दुराग्रह)
  • आँख की बीमारी- (दृष्टिदोष)
  • आड़ या परदे के लिये रथ या पालकी को ढकनेवाला कपड़ा- (ओहार)
  • अपना हित चाहने वाला- (स्वार्थी)
  • अपनी इच्छा से दूसरों की सेवा करने वाला- (स्वयंसेवक)
  • अपने देश से प्यार करने वाला- (देशभक्त)
  • अन्न को पचाने वाली जठर (पेट) की अग्नि- (जठराग्नि)
  • अपनी झक (धुन) में मस्त रहने वाला- (झक्की)
  • आचार्य की पत्नी- (आचार्यानी)
  • अपने ही बल पर निर्भर रहने वाला- (स्वावलम्बी)
  • अविवाहित लड़की- (कुमारी)
  • अति सूक्ष्म परिमाण- (अणिमा)
  • आज के दिन से पूर्व का काल- (अनद्यतनभूत)
  • अध्ययन किया हुआ- (अधीत)
  • अनुवाद करनेवाला- (अनुवादक)
  • आम का बगीचा- (अमराई)
  • अनुसंधान की इच्छा- (अनुसंधित्सा)
  • आकाश से तारे का टूटना- (उपप्लव)
  • आलस्य में जँभाई लेते हुए देह टूटना- (अँगड़ाई)
  • अनुवाद किया हुआ- (अनूदित)
  • अनेक राष्ट्रों में आपस में होनेवाली बात- (अन्तर्राष्ट्रीय)
  • आत्मा या अपने आप पर विश्वास- (आत्मविश्वास)
  • आटा पीसने वाली स्त्री-(पिसनहारी)
  • आँखों के समक्ष- (प्रत्यक्ष)
  • अगहन और पूस में पड़ने वाली ऋतु- (हेमन्त)
  • अधः (नीचे) लिखा हुआ- (अधोलिखित)
  • अगस्त्य की पत्नी- (लोपामुद्रा)
  • अनुमान किया हुआ- (अनुमानित)
  • अनिश्चित जीविका- (आकाशवृत्ति)
  • इतिहास का ज्ञाता- (अतिहासज्ञ)
  • इन्द्रियों को जीतनेवाला- (जितेन्द्रिय)
  • इन्द्रियों की पहुँच से बाहर- (अतीन्द्रिय)
  • अन्य देश का पुरुष- (उपही)
  • अँगुलियों में होनेवाला फोड़ा- (इकौता)
  • अस्तित्वहीन वस्तु का विश्लेषण- (काकदन्तपरीक्षण)
  • अधिक रोएँ वाला- (लोमश)
  • अमावस्या की रात- (कुहू)
  • अँधेरी रात- (तमिस्रा)
  • अंग पोंछने का वस्त्र- (अँगोछा)
  • असम्बद्ध विषय का- (अविवक्षित)
  • आठ पदवाला- (अष्टपदी)
  • अनुभव प्राप्त- (अनुभवी)
  • अपना नाम स्वयं लिखना- (हस्ताक्षर)
  • अपना मतलब साधनेवाला- (स्वार्थी)
  • ईश्वर पर विश्वास न रखने वाला- (नास्तिक)
  • इंद्रियों से संबंधित- (ऐंद्रिक)
  • इस लोक से संबंध रखनेवाला- (ऐहलौकिक)
  • ईश्वर या स्वर्ग का खजाँची- (कुबेर)
  • इतिहास से सम्बन्ध रखने वाला- (ऐतिहासिक)
  • ईश्वर में विश्वास रखने वाला- (आस्तिक)
  • ईश्वर द्वारा भेजा गया दूत- (काफिर)
  • इन्द्रपुरी की वेश्य- (अमरांगना)
  • अशुभ विचार- (व्यापाद)
  • अंडों से निकली छोटी मछलियों का समूह- (पोताधान)
  • इन्द्रियों को वश में करने वाला- (इन्द्रियजित)
  • इंद्रियों पर किया जानेवाला वश- (इंद्रियाविग्रह)
  • इतिहास को जानने वाला- (इतिहासज्ञ)
  • ईश्वर में आस्था रखने वाला- (आस्तिक)
  • इन्द्र का महल- वैजयन्त
  • इतिहास से संबंधित- (ऐतिहासिक)
  • ऊपर कहा हुआ- (उपर्युक्त)
  • ऊपर लिखा गया- (उपरिलिखित)
  • उतरती युवावस्था का- (अधेर)
  • उपचार या ऊपरी दिखावे के रूप में होने वाला- (औपचारिक)
  • ऐसा व्रत, जो मरने पर ही समाप्त हो-(आमरणव्रत)
  • ऐसा ग्रहण जिसमें सूर्य या चन्द्र का पूरा बिम्ब ढँक जाय- (खग्रास)
  • ऊपर कहा हुआ- (उपर्युक्त)
  • ऐसा तर्क जो देखने पर ठीक प्रतीत होता हो, किन्तु वैसा न हो- (तर्काभास)
  • एक व्यक्ति द्वारा चलायी जाने वाली शासन प्रणाली- (तानाशाही)
  • एक राजनीतिक दल को छोड़कर दूसरे दल में शामिल होने वाला- (दलबदलू)
  • इस लोक से सम्बन्धित- (ऐहिक)
  • इन्द्रजाल करने वाला- (ऐन्द्रजालिक)
  • ऊपर आने वाला श्वास- (उच्छवास)
  • ऊपर की ओर जानेवाला-(उर्ध्वगामी)
  • ऊपर की ओर बढ़ती हुई साँस- (उर्ध्वश्वास)
  • इस्लाम पर विश्वास न करनेवाला- (दौहित्र/नाती)
  • उच्च न्यायालय का न्यायाधीश- (न्यायमूर्ति)
  • उपकार के प्रति किया गया उपकार- (प्रत्युपकार)
  • एक भाषा की लिखी हुई बात को दूसरी भाषा में लिखना या कहना- (अनुवाद)
  • एक महीने में होने वाला- (मासिक)
  • एक ही जाति का- (सजातीय)
  • एक ही समय में उत्पन्न होने वाला- (समकालीन)
  • ऐसा जो अंदर से खाली हो- (खोखला)
  • ऐसी भूमि जो उपजाऊ नहीं हो- (ऊसर)
  • एक देश से माल दूसरे देश में जाने की क्रिया- (निर्यात)
  • ऐतिहासिक युग के पूर्व का- (प्रागैतिहासिक)
  • कठिनाई से समझने योग्य- (दुर्बोध)
  • कल्पना से परे हो- (कल्पनातीत)
  • एक ही समय में वर्तमान- (समसामयिक)
  • कुछ दिनों तक बने रहने वाला- (टिकाऊ)
  • उत्तर दिशा- (उदीची)
  • उच्च वर्ण के पुरुष के साथ निम्न वर्ण की स्त्री का विवाह- (अनुलोम विवाह)
  • उसी समय का- (तत्कालीन)
  • एक ही समय में वर्तमान- (समसामयिक)
  • एक स्थान से दूसरे स्थान को हटाया हुआ- (स्थानान्तरित)
  • क्रम के अनुसार- (यथाक्रम)
  • कम बोलनेवाला- (मितभाषी)
  • कम अक्लवाला- (अल्पबुद्धि)
  • किसी मत या प्रस्ताव का समर्थन करने की क्रिया- (अनुमोदन)
  • किसी व्यक्ति या सिद्धान्त का समर्थन करने वाला- (अनुयायी)
  • किसी की हँसी उड़ाना- (उपहास)
  • किसी कथा के अंतर्गत आने वाली दूसरी कथा- (अन्तःकथा)
  • कर या शुल्क का वह अंश जो किसी कारणवश अधिक से अधिक लिया जाता है-(अधिभार)
  • किसी पक्ष का समर्थन करने वाला- (अधिवक्ता)
  • किसी पद का उम्मीदवार- (प्रत्याशी)
  • किसी विषय को विशेषरूप से जाननेवाला- (विशेषज्ञ)
  • किसी चीज या बात की इच्छा रखनेवाला- (इच्छुक)
  • किन्हीं घटनाओं का कालक्रम से किया गया वृत- (इतिवृत)
  • किसी बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना- (अतिशयोक्ति)
  • कठिनता से प्राप्त होने वाला- (दुर्लभ)
  • एक सप्ताह में होने वाला- (साप्ताहिक)
  • कम खर्च करने वाला- (मितव्ययी)
  • कम जानने वाला- (अल्पज्ञ)
  • किसी पद का उम्मीदवार- (प्रत्याशी)
  • कीर्तिमान पुरुष- (यशस्वी
  • किसी काम में दूसरे से बढ़ने की इच्छा या उद्योग- (स्पर्द्धा)
  • किसी सभा, संस्था का प्रधान- (अध्यक्ष)
  • किसी कार्य के लिए दी जाने वाली सहायता- (अनुदान)
  • कार्य करने वाला व्यक्ति- (कार्यकर्ता)
  • किन्हीं निश्चित कार्यों के लिए बनायी गयी समिति- (कार्यसमिति)
  • क्रम के अनुसार- (क्रमानुसार)
  • किसी कार्य को बार-बार करना- (अभ्यास)
  • किसी वस्तु का भीतरी भाग- (अभ्यन्तर)
  • किसी वस्तु को प्राप्त करने की तीव्र इच्छा- (अभीप्सा)
  • किसी एक पक्ष से संबंधित- (एकपक्षीय)
  • कष्टों या काँटों से भरा हुआ- (कंटकाकीर्ण)
  • किसी के उपकार को न मानने वाला- (कृतघ्न)
  • किसी अवधि से संबंध रखने वाला- (आवधिक)
  • किसी देश के वे निवासी जो पहले से वहाँ रहते रहे हैं- (आदिवासी)
  • कार्य करनेवाला- (कार्यकर्त्ता)
  • करने योग्य- (करणीय, कर्तव्य)
  • किसी प्राणी को न मारना- (अहिंसा)
  • किसी बात पर बार-बार जोर देना- (आग्रह)
  • किसी पात्र आदि के अन्दर का स्थान, जिसमें कोई चीज आ सके-(आयतन)
  • किसी कार्यालय या विभाग का वह अधिकारी जो अपने अधीन कार्य करने वाले कर्मचारियों की निगरानी रखे- (अधीक्षक)
  • कर्मचारियों आदि को छाँटकर निकालने की क्रिया- (छँटनी)
  • किसी भी बात को जानने की इच्छा- (जिज्ञासा)
  • किसी की कृपा से पूरी तरह संतुष्ट- (कृतार्थ)
  • कारागार से संबंध रखने वाला- (कारागारिक)
  • कही हुई बात को बार-बार कहना- (पिष्टपेषण)
  • किसी आरोप के उत्तर में किया जाने वाला आरोप- (प्रत्यारोप)
  • किसी विचार/निर्णय को कार्यरूप देना- (कार्यान्वयन)
  • कुंती का पुत्र- (कौंतेय)
  • किसी ग्रंथ या रचना की टीका करनेवाला- (टीकाकार)
  • किराए पर चलनेवाली मोटर गाड़ी- (टैक्सी)
  • किसी पद अथवा सेवा से मुक्ति का पत्र- (त्यागपत्र)
  • किसी को सावधान करने के लिए कही जाने वाली बात- (चेतावनी)
  • किसी वस्तु का चौथा भाग- (चतुर्थाश)
  • कुछ निश्चित लम्बाई का कपड़ा- (थान)
  • किसी के घर की होनेवाली तलाशी- (खानातलाशी)
  • किसी के इर्द-गिर्द घेरा डालने की क्रिया- (घेराबन्दी)
  • करुण स्वर में चिल्लाना- (चीत्कार)
  • किसी नई चीज का बनाना- (ईजाद, अविष्कार)
  • किसी के बाद उसकी संपत्ति प्राप्त करने वाला- (उत्तराधिकारी)
  • किसी काम या व्यक्ति में छिद्र या दोष निकालने का कार्य- (छिद्रान्वेषण)
  • कुबेर की नगरी- (अलकापुरी)
  • किसी भी पक्ष का समर्थन न करने वाला- (तटस्थ)
  • कोई काम या पद छोड़ देने के लिये लिखा गया पत्र- (त्यागपत्र)
  • (किसी पद पर) जो पहले रहा हो- (भूतपूर्व)
  • किसी बात का गूढ़ रहस्य जानने वाला- (मर्मज्ञ)
  • किसी मत को मानने वाला- (मतानुयायी)
  • कपड़ा साइन का व्यवसाय करने वाला- (दर्जी)
  • किसी के साथ सम्बन्ध न रखने वाला- (निःसंग)
  • किसी श्रेष्ठ का मान या स्वागत- (अभिनन्दन)
  • किसी विशेष वस्तु की हार्दिक इच्छा- (अभिलापा)
  • किसी टूटी-फूटी वस्तु का पुनर्निर्माण- (पुनर्निर्माण)
  • किसी देवता पर चढ़ाने के लिए मारा जाने वाला पशु- (बलि)
  • कुबेर का विमान- (पुष्पक)
  • कच्चे मांस की गंध- (विस्र)
  • किसी के पास रखी हुई दूसरे की वस्तु- (थाती/धरोहर/अमानत)
  • कुछ जानने या ज्ञान प्राप्त करने की चाह- (जिज्ञासा)
  • किसी के सम्पूर्ण जीवन के कार्यों का विवरण- (जीवनचरित)
  • काँटेदार झाड़ियों का समूह- (झाड़झंखाड़)
  • किसी विषय को विशेष रूप से जाननेवाला- (विशेषज्ञ)
  • केवल फल खाकर रहनेवाला- (फलाहारी)
  • किसी कलाकार की कलापूर्ण रचना- (कलाकृति)
  • करने की इच्छा- (चिकीर्षा)
  • किसी के शरीर की रक्षा करनेवाला- (अंगरक्षक)
  • किसी को भय से बचाने का वचन देना- (अभयदान)
  • कुएँ के मेढ़क के समान संकीर्ण बुद्धिवाला- (कूपमंडुक)
  • काला पानी की सजा पाया कैदी- (दामुल कैदी)
  • कुबेर का बगीचा- (चैत्ररथ)
  • कुबेर का पुत्र- (नलकूबर)
  • कुसंगति के कारण चरित्र पर दोष- (कलंक)
  • कमल के समान गहरा लाल रंग- (शोण)
  • काला पीला मिला रंग- (कपिश)
  • खाने योग्य पदार्थ- (खाद्य)
  • खाने की इच्छा- (बुभुक्षा)
  • कम खर्च करने वाला- (मितव्ययी)
  • क्रम के अनुसार- (यथाक्रम)
  • केंचुए की स्त्री- (शिली)
  • कुएँ की जगत- (वीनाह)
  • किसी के पास रखी हुई दूसरे की सम्पत्ति-(थाती/न्यास)
  • किसी छोटे से प्रसन्न हो उसका उपकार करना- (अनुग्रह)
  • किसी के दुःख से दुःखी होकर उसपर दया करना- (अनुकम्पा)
  • गुण-दोषों का विवेचन करने वाला- (आलोचक)
  • गणित शास्त्र के जानकार- (गणितज्ञ)
  • खाने से बचा हुआ जूठा भोजन- (उच्छिष्ट)
  • घास खानेवाला- (तृणभोजी)
  • घूस लेने वाला/रिश्वत लेने वाला- (घूसखोर/रिश्वतखोर)
  • खून से रँगा हुआ- (रक्तरंजित)
  • गृह (घर) बसा कर रहने वाला- (गृहस्थ)
  • गगन (आकाश) चूमने वाला- (गगनचुम्बी)
  • गिरा हुआ- (पतित)
  • गृह (घर) बसाकर स्थित (रहनेवाला)- (गृहस्थ)
  • घृणा करने योग्य- (घृणास्पद)
  • घर के सबसे ऊपर के खंड की कोठरी- (अटारी)
  • गोपों को घेरा बाँधकर नाचने की क्रिया- (रास)
  • केवल वर्षा पर निर्भर- (बारानी)
  • कलम की कमाई खानेवाला- (मसिजीवी)
  • खेलना का मैदान- (क्रीड़ास्थल)
  • किसी काम में दखल देना- (हस्तक्षेप)
  • ग्राम का रहनेवाला- (ग्रामीण)
  • गोद लिया हुआ पुत्र- (दत्तक (पुत्र) )
  • कुछ खास शर्तों द्वारा कोई कार्य कराने का समझौता- (संविदा)
  • चारों ओर की सीमा- (चौहदी)
  • घुलने योग्य पदार्थ- (घुलनशील)
  • छात्रों के रहने का स्थान- (छात्रावास)
  • छः महीने के समय से सम्बन्धित- (छमाही)
  • घर के सामने का मंच- (आलिन्द)
  • घूम-फिरकर सौदा बेचने वाला- (फेरीवाला)
  • चार वेदों को जानने वाला- (चतुर्वेदी)
  • चोरी छिपे चुंगी शुल्क आदि दिये बिना माल लाकर बेचनेवाला- (तस्कर)
  • चौपायों के बाँधने का स्थान- (थान)
  • चूहे फँसाने का पिंजड़ा- (चूहेदानी)
  • गुरु के समीप रहनेवाला विद्यार्थी- (अन्तेवासी)
  • चिंता में डूबा हुआ- (चिंतित)
  • चुनाव में अपना मत देने की क्रि
  • गंगा का पुत्र- (गांगेय)
  • चार राहों वाला- (चौराहा)
  • चेतन स्वरूप की माया- (चिद्विलास)
  • घास छीलने वाला- (घसियारा)
  • चौथे दिन आने वाला ज्वर- (चौथिया)
  • चार मुखों वाला – (चतुरानन)
  • या- (मतदान)
  • जो पढ़ा-लिखा न हो- (अपढ़, अनपढ़)
  • जो अक्षर (पढ़ना-लिखना) जानता है- (साक्षर)
  • जो दूसरों पर अत्याचार करें- (अत्याचारी)
  • छिपे वेश में रहना- (छद्मवेश)
  • जो अधिक बोलता हो- (वाचाल)
  • जो सब जगह व्याप्त हो- (सर्वव्यापक)
  • जो देखने योग्य हो- (दर्शनीय)
  • छत में टाँगने का शीशे का कमल या गिलास, जिसमें मोमबत्तियाँ जलती हों- (फानूस)
  • जो पुत्र गोद लिया हो- (दत्तक)
  • जो मान-सम्मान के योग्य हो- (माननीय)
  • छोटे कद का आदमी- (बौना)
  • छह कोने वाली आकृति- (षट्कोण)
  • चारों ओर जल से घिरा हुआ भू-भाग- (टापू)
  • छूत से फैलने वाला रोग- (संक्रामक)
  • छाती का घाव- (उरक्षत)
  • जो कभी न मरे- (अमर)
  • जो कानून के विरुद्ध हो- (अवैध)
  • जो कानून के अनुसार हो- (वैध)
  • जो पहले न पढ़ा हो- (अपठित)
  • जो दिखाई न दे- (अदृश्य)
  • जो स्थिर रहे- (स्थावर)
  • जो वन में घूमता हो- (वनचर)
  • जो क्षमा के योग्य हो- (क्षम्य)
  • जो कम बोलता हो- (मितभाषी)
  • जो हो सकता- (संभव)
  • जो आमिष (मांस) नहीं खाता- (निरामिष)
  • जो पहरा देता है- (प्रहरी)
  • जो बहुत समय कर ठहरे- (चिरस्थायी)
  • जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो- (कुलीन)
  • जो नष्ट न होने वाला हो- (अविनाशी)
  • छह-छह महीने पर होने वाला- (षाण्मासिक)
  • जो कभी नष्ट न हो- (अनश्वर)
  • जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो- (कुलीन)
  • छः मुँहों वाला- (षण्मुख/षडानन)
  • जो इस लोक से बाहर की बात हो- (अलौकिक)
  • जो धन का दुरुपयोग करता है- (अपव्ययी)
  • जो आँखों के सामने न हो- (अप्रत्यक्ष)
  • जो आँखों के सामने हो- (प्रत्यक्ष)
  • जो स्वयं पैदा हुआ हो- (स्वयंभू)
  • जो शरण में आया हो- (शरणागत)
  • जो चित्र बनाता हो- (चित्रकार)
  • जो बूढ़ा न हो- (अजर)
  • जो नहीं हो सकता- (असंभव)
  • जो किसी पक्ष में न हो- (तटस्थ)
  • जो गिना न जा सके- (अगणित)
  • जो थोड़ी देर पहले पैदा हुआ हो- (नवजात)
  • जो किये गये उपकारों को नहीं मानता है- (कृतघ्न)
  • जो कभी नष्ट न हो- (अनश्वर)
  • जो उदार न हो- (अनुदार)
  • जो दो भाषाएँ जानता हो- (दुभाषिया)
  • जो धर्म का काम करे- (धर्मात्मा)
  • जो अभी – अभी पैदा हुआ हो- (नवजात)
  • जो कठिनाई से प्राप्त हो- (दुर्लभ)
  • जो धर्म करता है- (धर्मात्मा)
  • जो साँप पकड़ता है- (सँपेरा)
  • जो अभिनय करता है- (अभिनेता)
  • जो कुछ नहीं जानता है- (अज्ञ)
  • जो भू के गर्भ (भीतर) का हाल जानता हो- (भूगर्भवेत्ता)
  • जो कहा न जा सके- (अकथनीय)
  • जो कर्त्तव्य से च्युत हो गया है- (कर्त्तव्यच्युत)
  • जो अत्यन्त कष्ट से निवारित किया जा सके- (दुर्निवार)
  • जो आग्रह सत्य हो- (सत्याग्रह)
  • जो कला जानता है या कला की रचना करता है- (कलाकार)
  • जो सबमें व्याप्त है- (सर्वव्यापी)
  • जो किसी की ओर (प्रति) से है- (प्रतिनिधि)
  • जो टुकड़े-टुकड़े हो गया हो- (खंडित)
  • जो परिचित न हो- (अपरिचित)
  • जो स्त्री कविता लिखती है- (कवयित्री)
  • जो पुरुष कविता रचता है- (कवि)
  • जो फल का आहार करता है- (फलाहारी)
  • जो लोक में संभव न हो- (अलौकिक)
  • जो स्वार्थ (अपनी ही भलाई) चाहता है- (स्वार्थी)
  • जो आसानी से लब्ध (प्राप्य) है- (सुलभ)
  • जो चक्र धारण करता है- (चक्रधर)
  • जो नष्ट होनेवाला है- (नश्र्वर)
  • जो कठिनाई (दुर ) से भेदा या तोड़ा जा सके- (दुर्भेद्य)
  • जो मापा न जा सके- (अपरिमेय)
  • जो दूसरे के स्थान पर अस्थायी रूप से काम करे- (स्थानापत्र)
  • जो विधि या कानून के विरुद्ध है- (अवैध, गैरकानूनी)
  • जो अनुकरण करने योग्य हो- (अनुकरणीय)
  • जो दायर मुकदमे का प्रतिवाद (बचाव या काट) करे- (प्रतिवादी)
  • जो पुस्तकों की आलोचना या समीक्षा करता है- (आलोचक, समीक्षक)
  • जो वचन से परे हो-(वचनातीत)
  • जो बहुत बोलता है- (वाचाल)
  • जो दूसरे से ईर्ष्या करता है- (ईर्ष्यालु)
  • जो शत्रु की हत्या करता है- (शत्रुघ)
  • जो अपनी हत्या करता है- (आत्मघाती)
  • जो पर के अधीन है- (पराधीन)
  • जो द्वार का पालन (रक्षा) करता है- (द्वारपाल)
  • जो शास्त्र जानता है- (शास्त्रज्ञ)
  • जो अपनी जगह से न डिगे- (अडिग)
  • जो दबाया न जा सके- (अदम्य)
  • जो पहले न देखा गया हो- (अदृष्टपूर्व)
  • जो किसी विशेष समय तक ही लागू हो- (अध्यादेश)
  • जो आँखों के सामने न हो- (अप्रत्यक्ष/परोक्ष)
  • जो पूरा या भरा हुआ न हो- (अपूर्ण)
  • जो काव्य, संगीत आदि का रस न ले- (अरसिक)
  • जो इस लोक का न हो- (अलौकिक)
  • जो स्त्री (ऐसी पर्दानशीन है कि) सूर्य को भी न देख सके- (असूर्यम्पश्या)
  • जो सदा से चलता आ रहा है- (अनवरत)
  • जो दिया न जा सके- (अदेय)
  • जो पहले कभी घटित न हुआ हो- (अघटित)
  • जो व्याख्या करता है- (व्याख्याता)
  • जो स्मरण रखने योग्य है- (स्मरणीय)
  • जो यान (सवारी) जल में चलता है- (जलयान)
  • जो पुरुष लोहे की तरह बलिष्ठ है- (लौहपुरुष)
  • जो नेत्रों से दिखाई न दे- (अगोचर)
  • जो छूने योग्य न हो- (अछूत)
  • जो छुआ न गया हो- (अछूता)
  • जो कल्पना से परे हो- (कल्पनातीत)
  • जो गाँव से सम्बन्धित हो- (ग्रामीण)
  • जो कठिनाइयों से पचता है- (गरिष्ठ/गुरुपक)
  • जो चक्र धारण करता हो- (चक्रधारी/चक्रधर)
  • जो चर्चा का विषय हो- (चर्चित)
  • जो अपने स्थान से डिग गया हो- (च्युत)
  • जो तर्क योग्य हो- (तार्किक)
  • जो तर्क के आधार पर सही सिद्ध हो- (तर्कसंगत)
  • जो दर्शन-शास्त्र का ज्ञाता हो- (दार्शनिक)
  • जो द्वार का पालन (रक्षा) करता है- (द्वारपाल)
  • जो एक अक्षर भी न जानता हो- (निरक्षर)
  • जो तेजहीन हो- (निस्तेज)
  • जो उत्तर न दे सके- (निरुत्तर)
  • जो न्याय जनता हो- (नैयायिक)
  • जो पहले कभी नहीं सुना गया- (अश्रुतपूर्व)
  • जो इंद्रियों के ज्ञान के बाहर है- (इंद्रियातीत)
  • जो उद्धार करता है- (उद्धारक)
  • जो किसी नियम को न माने- (उच्छृंखल)
  • जो अपनी इच्छा पर निर्भर हो- (ऐच्छिक)
  • जो काम से जी चुराता है- (कामचोर)
  • जो स्त्री कविता रचती है- (कवियित्री)
  • जो मुकदमे का प्रतिवाद करे- (प्रतिवादी)
  • जो पहरा देने वाला हो- (प्रहरी)
  • जो प्रशंसा के योग्य हो- (प्रशंसनीय)
  • जो अपने मातृभूमि छोड़ विदेश में रहता हो- (प्रवासी)
  • जो केवल फल खाकर निर्वाह करता हो- (फलाहारी)
  • जो भू धारण करता है- (भूतेश)
  • जो हाथों से मुक्त है अर्थात अधिक देने वाला- (मुक्तहस्त)
  • जो एक स्थान पर टिक कर नहीं रहता- (यायावर)
  • जो रंग (नाट्य) का मंच (स्टेज) है- (रंगमंच)
  • जो रथ पर सवार है- (रथी)
  • जो आसानी से पचता हो- (लघुपाक)
  • जो वर्णन के बाहर हो- (वर्णनातीत)
  • जो पूर्ण रूप से बहरा हो- (वज्रबधिर)
  • जो अपने धर्म के विपरीत आचरण करता हो- (विधर्मी)
  • जो नृत्य करता है- (नृत्यकार/नर्तक)
  • जो नीचे लिखा गया है- (निम्नलिखित)
  • जो अपने पथ से भटक गया हो- (पथभ्रष्ट)
  • जो दूसरों का भला चाहने वाला हो- (परार्थी)
  • जो उक्ति बार-बार कही जाय- (पुनरुक्ति)
  • जो किसी का प्रतिनिधित्व (किसी की जगह काम) करता है- (प्रतिनिधि)
  • जो सबको प्यारा है- (सर्वप्रिय)
  • जो सव्य (बायें हाथ से हथियार आदि चलाने में) सध हुआ हो- (सव्यसाची)
  • जो सर्वशक्तिसंपन्न है- (सर्वशक्तिमान)
  • जो स्मरण करने योग्य है- (स्मरणीय)
  • जो दूसरे की हत्या करता है- (हत्यारा)
  • जिसके पाणि (हाथ) में चक्र है- (चक्रपाणि (विष्णु))
  • जिसके आने की तिथि (मालूम) न हो- (अतिथि)
  • जिसके शेखर पर चन्द्र हो- ( चन्द्रशेखर (शिव) )
  • जिसके हृदय में ममता नहीं है- (निर्मम)
  • जिसके हृदय में दया नहीं है- (निर्दय)
  • जिसके विषय में उल्लेख करना आवश्यक हो- (उल्लेखनीय)
  • जिसके पास करोड़ों रूपये हों- (करोड़पति)
  • जिसके हृदय में दया न हो- (निर्दय)
  • जो विश्व भर का बंधु है- (विश्वबंधु)
  • जो विश्वास करने योग्य हो- (विश्वसनीय)
  • जो विश्व का हित चाहता है- (विश्वहितैषी)
  • जो अन्न और साग-सब्जी खाता हो- (शाकाहारी)
  • जो सुनने में मधुर हो- (श्रुतिमधुर)
  • जो संगीत जनता हो- (संगीतज्ञ)
  • जिसके कोई संतान न हो- (निसंतान)
  • जिसके मन में कोई कपट न हो- (निष्कपट)
  • जिसके कोई संतान न हो- (निस्संतान)
  • जिसका आकार न हो- (निराकार)
  • जिसका पति जीवित हो- (सधवा)
  • जिसका निवारण नहीं किया जा सके- (अनिवार्य)
  • जिसका इलाज न हो सके- (असाध्य)
  • जिसका कोई अर्थ न हो- (निरर्थक)
  • जिसका वर्णन न किया जा सके- (वर्णनातीत)
  • जिसका आचरण अच्छा न हो- (दुराचारी)
  • जिसका पति जीवित हो- (सधवा)
  • जिसका कोई शत्रु ही न जन्मा हो- (अजातशत्रु)
  • जिसका ज्ञान इन्द्रियों से परे हो- (अगोचर)
  • जिसके नख सूप के समान हो- (शूर्पणखा)
  • जिसके हाथ में शूल हो- (शूलपाणि) (शिव)
  • जिसके बारे में मतभेद न हो- (निर्विवाद)
  • जिसके पास कोई रोजगार न हो- (बेरोजगार)
  • जिसके आने की तिथि न हो- (अतिथि)
  • जिसके दो पद (पैर) हैं- (द्विपद)
  • जिसके आने की तिथि न हो- (अतिथि)
  • जिसका संबंध उपन्यास से हो- (औपन्यासिक)
  • जिसका जन्म छोटी (अन्त्य) जाति में हुआ हो- (अन्त्यज)
  • जिसका हाथ बहुत तेज चलता हो- (क्षिप्रहस्त)
  • जिसका कोई शुल्क न लिया जाय- (निःशुल्क)
  • जिसका दमन कठिन हो- (दुर्दम्य/दुर्दात)
  • जिसका कोई आधार न हो- (निराधार)
  • जिसका कोई अंग बेकार हो- (विकलांग)
  • जिसका आचार अच्छा हो- (सदाचारी)
  • जिसकी चिकित्सा की जा सके- (चिकित्स्य)
  • जिसकी थाह न हो- (अथाह)
  • जिसकी तीन भुजाएँ हो- (त्रिभुज)
  • जिसका कोई दूसरा उपाय न हो- (अनन्योपाय)
  • जिसका निवारण न किया जा सके- (अनिवार्य)
  • जिसका उच्चारण न किया जा सके- (अनुच्चरित)
  • जिसका अनुभव किया गया हो- (अनुभूत)
  • जिसका विभाजन न किया जा सके- (अविभाजित)
  • जिसका मन उदार हो- (उदारमना)
  • जिसका चित्त एक जगह स्थिर हो- (एकाग्रचित)
  • जिसका सँबन्ध किसी एक देश से हो- (एकदेशीय)
  • जिसकी गहराई की थाह न लग सके- (अथाह)
  • जिसका कोई हिस्सा टूटकर अलग हो गया हो- (खंडित)
  • जिसकी बुद्धि कुश के अग्र (नोक) की तरह तेज हो- (कुशाग्रबुद्धि)
  • जिसकी बाँहें अधिक लंबी हो- (प्रलंबबाहु)
  • जिसकी उपमा न दी जा सके- (निरुपम)
  • जिसकी कल्पनान की जा सके- (अकल्पनीय)
  • जिसकी चिन्ता नहीं हो सकती- (अचिन्तनीय)
  • जिसकी पत्नी साथ में न हो- (विपत्नीक)
  • जिसकी सूचना राजपत्र में दी गयी हो- (राजपत्रित)
  • जिसने चित्त किसी विषय में दिया (लगाया) है- (दत्तचित)
  • जिसने ऋण चुका दिया हो- (उऋण) जिसने किसी विषय में मन लगा लिया हो-(दत्तचित)
  • जिसने बहुत कुछ देखा हो- (बहुदर्शी)
  • जिसको प्राप्त करना बहुत कठिन हो- (दुर्लभ)
  • जिसको लाँघना कठिन हो- (दुर्लंघ्य)
  • जिसकी आयु बड़ी लम्बी हो- (दीर्घायु)
  • जिसकी पत्नी मर गई हो- (विधुर)
  • जिसका पति मर गया हो- (विधवा)
  • जिसकी कोई उपमा न हो- (अनुपम)
  • जिसकी अपेक्षा (उम्मीद) हो- (अपेक्षित)
  • जिसमें मल (गंदगी) न हो- (निर्मल)
  • जिसमें प्रतिभा है- (प्रतिभा)
  • जिसमें जाना या समझना कठिन हो- (दुर्गम)
  • जिसमें किसी प्रकार का विकार हो- (विकृत)
  • जिसपर विश्र्वास किया गया है- (विश्र्वस्त)
  • जिससे घृणा की जाए- (घृणित)
  • जिस पर विचार न किया गया हो- (अविचारित)
  • जिस पर आक्रमण न किया गया हो- (अनाक्रांत)
  • जिस पर कोई नियंत्रण न हो- (अनियंत्रित)
  • जिसे अधिकार दिया गया हो- (अधिकृत)
  • जिस पर किसी अन्य को कुछ अधिकार न हो- (एकाधिकार)
  • जिस लड़की का विवाह न हुआ हो- (कुमारी)
  • जिस भूमि में कुछ पैदा न होता हो- (ऊसर)
  • जिसको रोकना या निवारण करना कठिन हो- (दुर्निवार)
  • जिसमे रस हो- (सरस)
  • जिसमे रस न हो- (नीरस)
  • जिसमे शक्ति न हो- (अशक्त)
  • जिसमें कुछ करने की क्षमता न हो- (अक्षम)
  • जिसमें सामर्थ्य नहीं है- (असमर्थ)
  • जिसमें कोई दोष न हो- (निर्दोष)
  • जिसमें हानि या अनर्थ का भय न हो- (निरापद)
  • जिस स्थान पर बैठकर माल खरीदा और बेचा जाता हो- (फड़)
  • जिस पर विश्वास किया गया है- (विश्वस्त)
  • जिस स्त्री का पति जीवित हो- (सधवा)
  • जिसे गुप्त रखा जाए- (गोपनीय)
  • जिसे दस आनन (मुख) हैं- (दशानन (रावण))
  • जिसे बहुत कम ज्ञान हो, थोड़ा जानने वाला- (अल्पज)
  • जिसे क्षमा न किया जा सके- (अक्षम्य)
  • जिसे कभी बुढ़ापा न आये- (अजर)
  • जिस भूमि पर कुछ न उग सके- (ऊसर)
  • जिसे ईश्वर या वेद में विश्वास न हो- (नास्तिक)
  • जिसे नहीं जीता जा सके- (अजेय)
  • जिसे या जिसका मूल नहीं है- (निर्मूल)
  • जिसे भेदा (तोड़ा) न जा सके- (अभेद्य)
  • जिसे क्रय किया गया हो- (क्रीत)
  • जिस पर विश्वास न किया जा सके- (अविश्वनीय)
  • जिस स्त्री का धव (पति) मर गया है- (विधवा)
  • जिस पर विश्वास न किया जा सके- (अविश्वनीय)
  • जिस भूमि पर कुछ न उग सके- (ऊसर)
  • जिस पुरुष की स्त्री मर गयी है- (विधुर)
  • जिस स्त्री को कोई सन्तान न हो- (वन्ध्या, बाँझ)
  • जिस पर किसी प्रकार का अंकुश (नियंत्रण) न हो- (निरंकुश)
  • जिस स्थान पर अभिनेता अपना वेश-विन्यास करते हैं- (नेपथ्य)
  • जहाँ पहुँचना कठिन हो- (दुर्गम)
  • जहाँ लोगों का मिलन हो- (सम्मेलन)
  • जानने की इच्छा रखने वाला- (जिज्ञासु)
  • जहाँ तक सध सके- (यथासाध्य)
  • जहाँ खाना मुफ्त मिलता है- (सदाव्रत)
  • जहाँ तक सध सके- (यथासाध्य)
  • जहाँ औषधि दानस्वरूप मिलती है- (दातव्य, औषधालय)
  • जल में जन्म लेने वाला- (जलज)
  • जल में रहने वाले जीव-जन्तु- (जलचर)
  • जेठ का पुत्र- (जेठौत)
  • जनता द्वारा संचालित शासन- (जनतन्त्र)
  • जिनकी ग्रीवा (गर्दन) सुन्दर हो- (सुग्रीव)
  • जैसा चाहिए वैसा- (यथोचित)
  • जीवन भर- (आजीवन)
  • जिसे समझना बहुत कठिन हो- (दुष्कर)
  • जिसे भेदना या तोड़ना कठिन हो- (दुर्भेद्य)
  • जिसे कोई आकांक्षा न हो- (निःस्पृह)
  • जिसे मोक्ष की कामना हो- (मुमुक्षु)
  • जिसे सताया गया हो- (दलित)
  • जहाँ पहुँचा न जा सके- (अगम्य)
  • तीनों लोकों का स्वामी- (त्रिलोकी)
  • तीन युगों में होने वाला- (त्रियुगी)
  • तीन नदियों का संगम- (त्रिवेणी)
  • तर्क के द्वारा जो माना गया हो- (तर्कसंगत)
  • तीन वेदों को जाननेवाला- (त्रिवेदी)
  • तर्क के द्वारा जो सम्मत(माना जा चुका) है- (तर्कसम्मत)
  • तिनकों से बना घर- (उटज)
  • तेज गति से चलने वाला- (द्रुतगामी/तीव्रगामी)
  • दूर की सोचने वाला- (दूरदर्शी)
  • दिल से होने वाला- (हार्दिक)
  • जीतने की इच्छा- (जिगीषा)
  • जनता में प्रचलित सुनी-सुनाई बात- (किंवदंती)
  • जल में जनमनेवाला- (जलज)झूठ बोलने वाला-(झूठा)
  • झमेला करनेवाला- (झमेलिया)
  • झीं-झीं की तेज आवाज करने वाला कीड़ा- (झींगुर)
  • तत्त्त्तव को जानने वाला- (तत्त्त्तवज्ञ)
  • तप करने वाला- (तपस्वी)
  • तेज बुद्धिवाा- (कुशाग्रबुद्धि)
  • दर्शन के योग्य- (दर्शनीय)
  • दिन पर दिन- (दिनानुदिन)
  • द्रुपद की पुत्री- (द्रौपदी)
  • दाव (जंगल) का अनल (आग)- (दावानल)
  • दूसरों के गुणों में दोष ढूँढने की वृति का न होना- (अनसूया)
  • द्वार या आँगन के फर्श पर रंगों से चित्र बनाने या चौक पूरने की कला- (अल्पना)
  • दूसरे के हित में अपने आप को संकट में डालना- (आत्मोत्सर्ग)
  • दूसरों के दोषों को खोजना- (छिद्रान्वेषण)
  • दूसरों के दोषों को ढूँढने वाला- (छिद्रान्वेषी)
  • दस वर्षो का समय- (दशक)
  • दाव (जंगल) में लगने वाली आग- (दावानल)
  • देने की इच्छा- (दित्सा)
  • दया करने वाला- (दयालु)
  • दूसरे के पीछे चलने वाला- (अनुचर)
  • देखने योग्य- (दर्शनीय)
  • दूसरों की बातों में दखल देना- (हस्तक्षेप)
  • दिल से होने वाला- (हार्दिक)
  • दीवार पर बने हुए चित्र- (भित्तिचित्र)
  • दूसरे के मन की बात जाननेवाला- (अन्तर्यामी)
  • देह का दाहिना भाग- (अपसव्य)
  • दर्पण जड़ी अँगूठी, जिसे स्त्रियाँ अँगूठे में पहनती हैं- (आरसी)
  • दूर से मन को आकर्षित करनेवाली गंध- (निर्हारी)
  • दुःख, भय आदि के कारण उत्पत्र ध्वनि- (काकु)
  • द्वीप में जनमा- (द्वैपायन)
  • दागकर छोड़ा गया साँड़- (अंकिल)
  • दूसरे के हाथ में गया हुआ- (हस्तान्तरित)
  • धरती और आकाश के बीच का स्थान- (अंतरिक्ष)
  • दैव या प्रारब्ध सम्बन्धी बातें जानने वाला- (देवज्ञ)
  • दण्ड दिये जाने योग्य- (दण्डनीय)
  • दो भाषायें बोलने वाला- (द्विभाषी)
  • दो वेदों को जाननेवाला- (द्विवेदी)
  • दोपहर के बाद का समय- (अपराह्नन)
  • नीचे की ओर लाना या खींचना- (अपकर्ष)
  • नदी से सींचा जानेवाला प्रदेश- (नदीमातृक)
  • निर्वाचन में अपना मत देने वाला- (निर्वाचक)
  • न्याय करने वाला- (न्यायाधीश)
  • नकल करने योग्य- (अनुकरणीय)
  • निंदा न किया हुआ- (अगर्हित)
  • नियम विरुद्ध या निन्दनीय कार्य करने वालों की सूची- (काली सूचि/ब्लैक लिस्ट)
  • टाइप करने की कला- ( टंकण)
  • ठकठक करके बर्तन बनानेवाला- (ठठेरा)
  • ठूसकर भरा हुआ- (ठसाठस)
  • ठीका लेनेवाला- (ठीकेदार)
  • ध्यान करने योग्य या लक्ष्य- (ध्येय)
  • धूप से बचने का छाता- (आतपत्र) धर्म या शास्त्र के विरुद्ध कार्य- (अधर्म)
  • नापाक इरादे से की जाने वाली मन्त्रणा या साजिश- (दुरभिसन्धि)
  • नहीं मरनेवाला- (अमर)
  • नहीं खाने योग्य- (अखाद्य)
  • नीचे की ओर मुख किये हुए- (अधोमुख)
  • पढ़ने योग्य- (पठनीय)
  • पति-पत्नी का जोड़ा- (दम्पति)
  • प्रिय बोलने वाली स्त्री- (प्रियंवदा)
  • पुत्र का पुत्र- (पौत्र)
  • पर्ण (पत्ते) की बनी हुई कुटी- (पर्णकुटी)
  • परलोक का- (पारलौकिक)
  • परम्परा से चली आई हुई बात, उक्ति या कला- (अनुश्रुति)
  • पूरब दिशा- (प्राची) पश्चिम दिशा- (प्रतीची) पूरब और उत्तर के बीच की दिशा- (ईशान)
  • पर्वत के पास की भूमि- (उपत्यका)
  • प्राचीन आदर्श के अनुकूल चलने वाला- (गतानुगतिका)
  • पृथ्वी की वह शक्ति जो सभी चीजों की अपनी ओर खींचती हो- (गुरुत्वाकर्षण)
  • पति-पत्नी का जोड़ा- (दम्पती)
  • डंडी मारनेवाला- (डंडीमार)
  • डाका मारने का काम- (डकैती)
  • ढिंढोरा पिटने वाला- (ढिंढोरिया)
  • ढोंग रचनेवाला- (ढोंगी)
  • ढोलक बजानेवाला- (ढोलकिया)
  • पुत्र की वधू- (पुत्रवधू)
  • प्रतिकूल पक्ष का- (विपक्षी)
  • प्रतिदिन होने वाला- (दैनिक)
  • पर्वत के ऊपर की समभूमि- (अधित्यका)
  • पूर्णिमा की रात- (राका)
  • पानी से उठा हुआ किनारा- (पुलिन)
  • पेट या जठर की आग- (वडवानाल)
  • प्राणों पर संकट लाने वाला- (सांघातिक)
  • फल-फूल खाने वाला- (शाकाहारी)
  • फेन से भरा हुआ- (फेनिल)
  • बुरा (दुर्) आग्रह- (दुराग्रह)
  • बच्चों के लिए काम की वस्तु- (बालोपयोगी)
  • बिलकुल बरबाद हो गया हो- (ध्वस्त)
  • बीता हुआ- (अतीत)
  • बिना पलक गिराये- (एकटक)
  • पति के छोटे भाई की स्त्री- (देवरानी)
  • पानी में डूबकर चलने वाली नाव- (पनडुब्बी)
  • पन्द्रह दिन में होने वाला- (पाक्षिक)
  • पिता की पिता- (पितामह)
  • पिता के पिता का पिता- (प्रपितामह)
  • पिता से प्राप्त की हुई (सम्पत्ति)- (पैतृक)
  • प्रयोग में लाने योग्य- (प्रयोजनीय)
  • बिना माता-पिता का- (अनाथ)
  • बाँचनेवाला- (वाचक)
  • बिना तार की वीणा- (कोलंबक)
  • बालुकामय किनारा- (सैकत)
  • बेरों के जंगल में जनमा- (बादरायण)
  • बिजली की तरह कान्ति (चमक) वाला-(विधुत्प्रभ)
  • भलाई चाहने वाला- (हितैषी)
  • भोजन करने की इच्छा- (बुभुक्षा)
  • भविष्य में होनेवाला- (भावी)
  • भलाई की इच्छा रखने वाला- (हितैषी)
  • भूख से व्याकुल- (क्षुधातुर)
  • मांस न खाने वाला- (निरामिष)
  • मांस खाने वाला – (मांसाहारी)
  • बिना वेतन के कार्य करने वाला- (अवैतनिक)
  • बालक से वृद्ध तक- (आबालवृद्ध)
  • बहुत सी घटनाओं का सिलसिला- (घटनावली, घटनाक्रम)
  • बरसात के चार महीने- (चतुर्मास)
  • बहुत चंचल, दुष्ट और अपनी प्रशंसा करने वाला नायक- (धीरोद्धत)
  • बहुत-सी भाषाओं को बोलने वाला- (बहुभाषाभाषी)
  • बहुत बोलने वाला- (बहुभाषी)
  • बिक्री करनेवाला- (विक्रेता)
  • मोक्ष या मुक्ति की इच्छा रखनेवाला- (मुमुक्षु)
  • मरने के करीब- (मुमूर्षु/मरणासन्न)
  • मुख को सुंगधित करनेवाला पान- (मुखवासन)
  • मछली रखने का पात्र- (कुवेणी)
  • मर्यादा का उल्लंघन करके किया हुआ- (अतिकृत)
  • यात्रा करनेवाला- (यात्री)
  • याचना करनेवाला- (याचक)
  • युग का निर्माण करनेवाला- (युगनिर्माता)
  • युद्ध का जहाज- (युद्धपोत)
  • राज्य के द्वारा जारी किया गया वो आदेश जो किसी विशेष समय तक ही लागू हो- (अध्यादेश)
  • रात में घूमने वाला- (निशाचर)
  • रात और सन्ध्या के बीच की वेला- (गोधूलि)
  • रोगियों की चिकित्सा करने का स्थान- (चिकित्सालय)
  • रक्त में रँगा हुआ या भरा हुआ- (रक्तरंजित)
  • मरण तक- पेय
  • मरण तक- आमरण
  • मूल बातों को संक्षेप में लिखना- (टिप्पणी)
  • मछली पकड़ने या बेचने वाली जाति विशेष- (धीवर)
  • माता की हत्या करनेवाला- (मातृहंता/मातृघाती)
  • मरने की इच्छा- (मुमूर्षा)
  • महल का भीतरी भाग- (अन्तःपुर)
  • मोहजनित प्रेम- (आसक्ति)
  • माँ-बहन संबंधी गाली- आक्षारणा
  • वह व्यक्ति जो हाथ उठाए हो- (उध्र्वबाहु)
  • वह नायिका जिसका पति रात को किसी अन्य स्त्री के पास रहकर प्रातः उसके पास आता हो- (खंडिता)
  • वह नाटक जिसमें गीत अधिक हों- (गीतरूपक)
  • विवाद या गुटबन्दी से अलग रहने वाला- (तटस्थ/गुटनिरपेक्ष)
  • विवाह के पश्चात वधू का ससुराल में दूसरी बार आना- (द्विरागमन)
  • वह नायिका जिसका पति विदेश जाने को है- (प्रवत्स्यपतिका)
  • वह स्त्री जिसका पति प्रोषित (परदेश गया) हो- (प्रोषितपतिका)
  • वें बातें जो पुस्तक के आरंभ में लिखी जाय- (भूमिका/प्राक्कथन)
  • वह स्थिति जब मुद्रा का चलन अधिक हो- (मुद्रास्फीति)
  • वह शासन प्रणाली जो जनता द्वारा जनता के हित के लिए हो- (लोकतंत्र)
  • वसुदेव के पुत्र- (वासुदेव)
  • विश्व का पर्यटन करनेवाला- (विश्वपर्यटक)
  • विधि (कानून) के द्वारा प्राप्त- (विधिप्रदत)
  • विष्णु का शंख- (पाञ्चजन्य)
  • रात को दिखाई न देनेवाला रोग- (रतौंधी)
  • राजा या राज्य के प्रति किया जाने वाला विद्रोह- (राजद्रोह)
  • लोक का- (लौकिक)
  • लेखक द्वारा लिखित अपनी जीवनी- (आत्मकथा)
  • लगातार घंटा बजने से होनेवाला शब्द- (टनाटन)
  • वह पत्र, जिसमें किसी को कोई काम करने का अधिकार दिया जाय- (अधिपत्र)
  • विद्या की देवी- (सरस्वती)
  • वर्षा का अभाव- (अनावृष्टि)
  • वह स्त्री जिसका पति आने वाला है- (आगमिस्यतपतिका)
  • वह जो अपने आचार से पवित्र है- (आचारपूत)
  • वह वस्तु जिसका उत्पादन हुआ हो- (उत्पाद)
  • वर्षा के जल से पालित- (देवमातृक)
  • वीर पुत्रों को जन्म देनेवाली- (वीरप्रसूता)
  • वीरों द्वारा भोगी जानेवाली- (वीरभोग्या)
  • वृक्षों को जल से थोड़ा सींचना- (आसेक)
  • वह व्यक्ति जिसके एक के ऊपर दूसरा दाँत हो- (अधिकदन्ती)
  • व्याकरण जाननेवाला- (वैयाकरण)
  • शीघ्र नष्ट होने वाला- (क्षणभंगुर)
  • सब कुछ भक्षण करनेवाला- (सर्वभक्षी)
  • सत्य बोलने वाला- (सत्यवादी)
  • सुख देनेवाला- (सुखद)
  • शक्ति के अनुसार- (यथाशक्ति)
  • सबसे प्रिय- (प्रियतम)
  • सुन्दर हृदयवाला- (सुहृद)
  • शक्ति का उपासक या शक्ति से सम्बद्ध- (शाक्त)
  • समाचार पत्र का मुख्य (सम्पादकीय) लेख- (अग्रलेख)
  • संसार में सबका प्रिय- (लोकप्रिय)
  • शरीर के लिए जितना धन आवश्यक हो उससे अधिक न लेना- (अपरिग्रह)
  • सामाजिक एवं प्रशासनिक अनुशासन की क्रूरता से उत्पत्र स्थिति- (आतंक)
  • सर्वप्रथम मत को प्रवर्तित करने वाला- (आदिप्रवर्तक)
  • सूर्योदय से पहले का समय- (उषाकाल)
  • विष्णु का चक्र- (सुदर्शन)
  • विष्णु की गदा- (कौमोदकी)
  • विष्णु का धनुष- (शांर्ग)
  • विष्णु का सारथि- (दारुक)
  • विष्णु का छोटा भाई- (गद)
  • वह जिसकी दृष्टि दूर तक जाय- (दूरदर्शी)
  • वह जिसकी प्रतिज्ञा दृढ हो- (दृढ़प्रतिज्ञ)
  • विश्र्वास के योग्य – (विश्र्वसनीय)
  • विद्या की चाह रखने वाला- (विद्यार्थी)
  • वह स्थान जहाँ मुर्दे जलाये जाते है- (श्मशान)
  • विदेश से वस्तुयें मँगाना- (आयात)
  • वृद्धावस्था से घिरा हुआ- (जराक्रान्त)
  • शरण में आया हुआ- (शरणागत)
  • संगीत के छः राग- (षटराग)
  • सोलह वर्ष की लड़की- (षोडशी)
  • सबको जीतने वाला- (सर्वजीत)
  • सब कुछ खाने वाला- (सर्वभक्षी)
  • समान (एक ही) उदर से जन्म लेनेवाला- (सहोदर)
  • सब लोगों से सम्बन्ध रखने वाला- (सार्वजनिक)
  • सब देशों से सम्बद्ध- (सार्वदेशिक)
  • समस्त पृथ्वी से सम्बन्ध रखने वाला- (सार्वभौमिक)
  • साहित्य से सम्बन्धित- (साहित्यिक)
  • स्वेद (पसीने) से उत्पन्न होने वाला- (स्वेदज)
  • स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद का- (स्वातन्त्र्योत्तर)
  • शयन करने की इच्छा- (सुषुप्सा)
  • सिर से लेकर पैर तक- (आपादमस्तक)
  • सोने-जैसे रंगवाला- (सुनहला)
  • सतो गुण का- (सात्त्विक)
  • सोलहो कलाओं से युक्त चाँद- (राका)
  • सफेदी लिए हुए लाल रंग- (पाटल)
  • सारे संसार के देशों की खेल प्रतियोगितायें- (ओलम्पिक)
  • सिक्के ढालने का कारखाना- (टकसाल)
  • स्वर्गलोक, मृत्युलोक और पाताललोक- (त्रिभुवन/त्रिलोक)
  • सदा प्रसन्न रहने वाली या कला-प्रेमी नायक- (धीरललित)
  • शक्तिशाली, दयालु और योद्धा नायक- (धीरोदात्त)
  • समान रूप से आगे बढ़ने की चेष्टा- (प्रतिस्पर्द्धा)
  • शक्ति के अनुसार- (यथाशक्ति)
  • स्पष्टीकरण के लिए दिया जाने वाला वक्तव्य- (विवृति)
  • सौ में सौ- (शतप्रतिशत)
  • शयन (सोने) का आगार (कमरा)- (शयनागार)
  • हमेशा सत्य बोलने वाला- (सत्यवादी)
  • हाथ में चक्र धारण करनेवाला- (चक्रपाणि)
  • हृदय को विदीर्ण करने वाला- (हृदयविदारक)
  • हाथ की लिखी पुस्तक या मसौदा- (पांडुलिपि)
  • होठों पर चढ़ीपान की लाली- (अधरज)
  • क्षमा पाने योग्य- (क्षम्य)
  • क्षुधा से आतुर- (क्षुधातुर)
  • ऋषियों के रहने का स्थान- (आश्रम)
  • ज्ञान देनेवाला- (ज्ञातव्य)
  • स्थिर रहनेवाली वस्तु- (स्थावर)
  • श्रद्धा से जल पीना- (आचमन)
  • स्वर्ग की वेश्या- (अप्सरा)
  • सोना, चाँदी पर किया गया रंगीन काम- (मीनाकारी)
  • हिंसा करने वाला- (हिंसक)
  • हित चाहने वाला- (हितैषी)

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